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16 December विजय दिवस ,इंडियन आर्मी की सबसे बड़ी गौरव गाथा। ९३००० पाकिस्तानी सैनिकों का आत्मसमर्पण ,वर्ल्ड रिकॉर्ड।

इंडियन आर्मी की सबसे बड़ी गौरव गाथा। :
1.) 1947 में जब पाकिस्तान और हिन्दुस्तान का विभाजन हुआ था तब पाकिस्तान को दो हिस्सों में बाटा गया था। ईस्ट पाकिस्तान और वेस्ट पाकिस्तान के नाम से ।

2.)वेस्ट पाकिस्तान के लोग और वह की आर्मी ईस्ट पकिस्तान के लोगो को बड़े ही नीची नज़र से देखते थे और उन्हें नीच समझते थे क्योंकि यहाँ के ज्यादातर मुस्लिम उर्दू काम और बंगाली ज्यादा बोलते थे। Also Read : SBI Recruitment

3.)हर एक चीज़ की एक सिमा होती है । वैसे ही ईस्ट पाकिस्तान का भी सब का बाण टूट गया और 1970 में वह के शैख़ मुजीब उर रेहमान चुनाव जीत गए और ईस्ट पकिस्तांन को एक नया देश बनाने की घोषणा कर दी थी।

4.)उसके बाद तुरंत वेस्ट पाकिस्तान की आर्मी ने शैख़ शाहब को गिरफ्तार कर वेस्ट पाकिस्तान ले गए और बंदी बना लिया।Also Read : Wipro Recruitment

5.)दो नो पाकिस्तान ईस्ट और वेस्ट में तनाव अपनी चरम सिमा पर था और देखते देखते ईस्ट पाकिस्तान के लोग में शैख़ शाब की रिहाई की मांग अब तेज़ होने लगी और एक संगठन की स्थापना हुई जिसमे मुक्ति वह्नि नाम दिया गया जिसका मुख्या उद्देश्य अपने PM शैख़ शाहब को रिहा करवाना था।

6.)आज भी जिस चीज़ के लिए पाकिस्तान जाना जाता है उस समय पर भी उसने वही किया था ईस्ट पाकिस्तान के लगभग 30 लाख लोगो जान से मार दिया गया 4 लाख से जयादा महिलाओ का यौन शोषण हुआ था .वेस्ट पाकिस्तान ने अपनी बर्बरता की साडी हदें पार कर चुकी थी |

7.)इतना ज्यादा झुल्म होने के बाद ईस्ट पाकिस्तान से लोग अब जान बचने के खातिर भारत में आने लगे .और देखते ही देखते 10 लाख से ज्यादा लोग आ गए |Also Read : Hawkins Recruitment

8.)अब भारत पर दबाव और जिम्मेदारी दोनों आगई .तत्कालीन PM इंदिरा गांधी ने तुरंत अमेरिका से हस्तक्षेप करने को कहा पर उस ने मन कर दिया |

16 December ,Vijay Diwas
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9.) देखते देखते 1 साल बिट गए और 1971 आते आते इंडियन आर्मी ने मुक्ति वह्नि को आत्म रक्षा की ट्रेनिंग दे दी .जिससे वो खुद अपनी सुरक्षा कर सके |

10.) यह देख कर वेस्ट पकिस्तान बौखला गया और 3 दिसंबर को उसने इंडिया के श्री नगर ,पठानकोट ,चंडीगढ़ ,आगरा हवाई अड्डे पर एयर स्ट्राइक कर दिया |Also Read : New Parliament Foundation laid by PM Modi

11.)उसके बाद पकिस्तान के 2000 सैनिकों ने इंडिया के लोंगेवाला पर हमला कर दिया पर वो शायद हिन्दुस्तान क सीखो को नहीं जानते थे। हिन्दुस्तान के 120 सैनिकों ने 2000 सैनको को रात भर रोक कर रखा और सुबह हिंदुस्तान की एयर फाॅर्स ने पाकिस्तानी आर्मी को खदेड़ खदेड़ कर और दौड़ा दौड़ा कर मारा था |

12.) अब बारी थी इंडियन नेवी की 5 दिसंबर को इंडियन नेवी ने कराची में शूरवीरों की तरह घुस कर वहां के बंदरगाह को सबके सामने दिन दहाड़े उदा दिया .पकिस्तान के नेवल ऑफिसर बलोचिस्तान के ग्वादर बंदरगाह में जा कर छूप गए थे |

13.)रास्ते में जितने पाकिस्तान के जो भी शिप दीखते थे इंडियन आर्मी आते वक़्त उन सबको उदा देती थी |

14.)अब पकिस्तान की सेना शर्म से आग बबूला हो गयी और भारत के सबसे शक्तिशाली पनडुब्बी INS विक्रांत को तबाह करने की साजिश बना डाली |

15.)अब यह खबर इंडियन आर्मी को पता चल गयी और उन्होंने खबर फैला दी की आईएनएस विक्रांत विशाखपत्तनम में है .पाकिस्तान की नेवल फाॅर्स एक नौसिखिये आर्मी की तरह विशाखपत्तनम में अपनी पनडुब्बी PNS गाज़ी को भेज दिया पर आईएनएस विक्रांत वहां था ही नहीं वो तो ईस्ट पकिस्तान के पास था और वहां के आर्मी को हेल्प कर रहा था |

PNS Ghazi Destroyed by Indian Navy in 1971

अब जैसे ही PNS गाज़ी विशाखपत्तनम पहुंचा वहां उसका काल आईएनएस राजपूत पहले से उसका इंतजार कर रहा था .और उसे आधे रस्ते में ही मार कर गिरा दिया |

१६.)अब चारो तरफ से हार चुके पाकिस्तान ने अमेरिका से संपर्क कर दिया और UN में मुद्दा उठा दिया .फ्रांस ,अमेरिका ,युके,चीन ने इंडिया के खिलाफ एक प्रस्ताव पारित करना चाहा पर तब हिन्दुस्तान के सच्चे दोस्त रूस ने तुरंत वीटो कर दिया और उस प्रस्ताव को खारिज कर दिया |

१७.)यह देख कर अमेरिका इंडिया से बहुत ज्यादा नाराज़ हो गया और उसने अपने सातवा बेडा यानि ७ नवो का एक समूह को भारत की तरफ हमाला करने भेज दिया और रस्ते में युके से भी इसमे शामिल होने को कहा और चीन को भी ईस्ट से हमला करने का आदेश दे दिया |

१८.)यह खबर इंडियन ख़ुफ़िया एजेंसी को लग गई और PM इंदिरा गाँधी ने तुरंत रूस से मदद मांग ली .रूस ने एक सेकंड की भी देरी न करते हुए तुरंत अपना ४० वा बेडा यानि ४० नावों का एक समूह इंडियन ओसियन में उतार दिया |

१९.)रूस ने आधे रस्ते में ही चीन को कह दिया की अगर भारत की तरफ एक भी मिसाइल गई तो ये हमला हम रूस पे हमला मान लेंगे और तुरंत आप पर भी आक्रमण कर देंगे |

Russia Helped India in 1971
Russia Helped Indian in 1971 from Almost half of World

२०.)यह देख युके पहले ही लड़ाई से पीछे हट गया और अमेरिका को भी पिछने हटने को कहा .

२१.)अमेरिका जैसे ही इंडियन ओसियन तक पहुंचा वहां चौक गया .उसने देखा की रुस पहले ही भारत की सुरक्षा करने क लिए पहुंच चूका है और एटम बम भी लिया है |

२२.)यह देख कर अमेरिका भी पीछे हट गया और अपने सभी जहाजों को पीछे मोड़ लिया .रूस का यह रौद्र रूप पूरी दुनिया ने पहली बार देखा था .और पूरी दुनिया को यह भी बता दिया था की इंडिया न ही उसका सबसे अच्छा मित्र है बल्कि उसके उसके भाई की तरह है |

इंडिया पे हमला करना यानि रूस पे हमला करना.रूस ने इंडिया की मदद कर अपनी सच्ची दोस्ती निभाई थी |

२३.)अब हिन्दुस्तान आप पार की लड़ाई में था पाकिस्तान के लफिटेन्ट जर्नल को चेतावनी दे दी की आधे घंटे में शैख़ जुरब रेहमान को अगर नहीं छोड़ा तो इंडियन आर्मी हर एक पाकिस्तानी सैनिक को मार देगी |

२४.)१६ दिसंबर १९७१ को पकिस्तान ने हिन्दुस्तान से बुरी तरह हार के आत्म समर्पण कर दिया .उस दिन पकिस्तान के ९३००० सैनको ने इंडियन आर्मी के सामने आत्मसम्पर्ण कर दिया था .यह पुरे विश्व का वर्ल्ड रिकॉर्ड है और किसी भी देश की अब तक की सबसे बड़ी हार है |

Pakistan Surrendering To Indian Army

२५.) इसी दिन ईस्ट पकिस्तान को आज़ाद कर दिया गया और उसका नाम बांग्लादेश रख गया | हिन्दोस्तान इस दिन को विजय दिवस के रूप में मनाता है और बांग्ला देश इस दिन को इंडिपेंडेंस डे के रूप में |

हमें कमेंट कर जरूर बताएं की आपको यह गौरव गाथा कैसी लगी !

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